ग्वालियर के वैज्ञानिक ने बनाई रैपिड कार्ड किट, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी सेंटर पुणे ने किट को एप्रूव किया
मध्यप्रदेश / 

 


" alt="" aria-hidden="true" />ग्वालियर. एमआईटीएस में टीबी पर रिसर्च कर चुके युवा वैज्ञानिक डाॅ. रामप्रमोद तिवारी ने कोरोना को हराने के लिए रैपिड कार्ड किट तैयार की है। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के अंतर्गत काम करने वाले नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (एनआईवी) सेंटर पुणे ने किट को एप्रूव कर दिया है। अब किट के मटेरियल को लेकर आईसीएमआर जल्द ऑडिट करेगा। कोरोना के संक्रमण की पहचान 10 से 15 मिनट में करने में सक्षम यह किट बाजार में 300-400 रुपए में उपलब्ध होगी। इसका फायदा यह होगा कि लोगों को जांच के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।


तिवारी की बनाई रैपिड किट खून का नमूना लेती है अाैर 10 मिनट में वायरस के संक्रमण की मौजूदगी बता देती है। अभी मॉलिक्यूलर जांच में वक्त लगता है। तब तक मरीज काे मजबूरी में होम क्वारेंटाइन करना पड़ता है। ितवारी दिल्ली की वेनगार्ड कंपनी संचालित करते हैं।                                            युवा वैज्ञानिक डाॅ. रामप्रमोद तिवारी ने कोरोना को हराने के लिए रैपिड कार्ड किट तैयार की है
इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के अंतर्गत काम करने वाले नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (एनआईवी) सेंटर पुणे ने किट को एप्रूव कर दिया है
कोरोना के संक्रमण की पहचान 10 से 15 मिनट में करने में सक्षम यह किट बाजार में 300-400 रुपए में उपलब्ध होगी